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मंगलवार, 13 मार्च 2018

11:34 am

श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने नागर विमानन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला

श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने नागर विमानन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाला



(वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु नागर विमानन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करते हुए। साथ में हैं नागर विमानन राज्यमंत्री श्री जयंत सिन्हा)



वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने आज नागर विमानन मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार ग्रहण करते हुए कहा कि विमानन क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुक्त आकाश नीति से विमानन क्षेत्र में शानदार वृद्धि हो रही है और इस वृद्धि के लाभ रोजगार सृजन में बढ़ोतरी के रूप में देखा जाएगा।

विमान संपर्क बढ़ने और सस्ता किराया के कारण छोटे शहरों के लोग कामकाज और छुट्टियों के लिए विमान यात्रा करने लगे हैं। इसके परिणामस्वरूप भारतीय विमान सेवाओं को एक हजार से अधिक विमान बुक करने का आदेश देना पड़ा। ऐसा मुख्य रूप से कम लागत वाली विमान सेवाओं के नेतृत्व में हुआ।

मुक्त आकाश अंतर्राष्ट्रीय नीतिगत अवधारणा है, जिसमें नियमों तथा अंतर्राष्ट्रीय विमानन उद्योग के नियमनों को उदार बनाना है, विशेषकर वाणिज्यिक विमानन क्षेत्र में, ताकि विमानन उद्योग के लिए मुक्त बाजार का वातावरण बन सके।

सोमवार, 12 मार्च 2018

1:04 pm

मंत्रिमंडल ने मध्‍यस्‍थताऔर सुलह (संशोधन) विधयेक, 2018 को स्‍वीकृति दी

मंत्रिमंडल ने मध्‍यस्‍थताऔर सुलह (संशोधन) विधयेक, 2018 को स्‍वीकृति दी


प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मध्‍यस्‍थता और सुलह (संशोधन) विधयेक, 2018 को लोकसभा में पेश करने की स्‍वीकृति दे दी है। यह विवादों के समाधान के लिए संस्‍थागत मध्‍यस्‍थता को प्रोत्‍साहित करने के सरकार के प्रयास का हिस्‍सा है और यह भारत को मजबूत वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) व्‍यवस्‍था का केंद्र बनाता है।

लाभ: 1996 के अधिनियम में संशोधन से मानक तय करने, मध्‍यस्‍थता प्रक्रिया को पक्षकार सहज बनाने और मामले को समय से निष्‍पादित करने के लिए एक स्‍वतंत्र संस्‍था स्‍थापित करके संस्‍थागत मध्‍यस्‍थता में सुधार का लक्ष्‍य प्राप्‍त करने में सहायता मिलेगी।

प्रमुख विशेषताएं:
1 यह उच्‍चतम न्‍यायालय और उच्‍च न्‍यायालय द्वारा निर्दिष्‍ट मध्‍यस्‍थता संस्‍थानों के माध्‍यम से मध्‍यस्‍थों की तेजी से नियुक्ति में सहायक है, इस संबंध में न्‍यायालय से संपर्क की आवश्‍यकता के बिना। विधेयक में यह व्‍यवस्‍था है कि संबंधित पक्ष अंतरराष्‍ट्रीय वाणिज्यिक मध्‍यस्‍थताके लिए और संबंधित उच्‍च न्‍यायालयों के अन्‍य मामलों में उच्‍चतम न्‍यायालय द्वारा निर्दिष्‍ट मध्‍यस्‍थता संस्‍थानों से सीधा संपर्क कर सकते है्ं।

2 इस संशोधन में एक स्‍वतंत्र संस्‍था भारत की मध्‍यस्‍थता परिषद (एसीआई) बनाने का प्रावधान है। यह संस्‍था मध्‍यस्‍थता करने वालों संस्‍थानों को ग्रेड देगी और नियम तय करके मध्‍यस्‍थता करने वालों को मान्‍यता प्रदान करेगी और वैसे सभी कदम उठाएगी जो मध्‍यस्‍थता, सुलह तथा अन्‍य वैकिल्‍पक समाधान व्‍यवस्‍था को बढ़ावा देंगे और संस्‍था इस उद्देश्‍य के लिए मध्‍यस्‍थतातथा वैकल्पिक विवाद समाधान व्‍यवस्‍था से जुड़े सभी मामलों में पेशेवर मानकों को बनाने के लिए नीति और दिशा निर्देश तय करेगी। यह परिषद सभी मध्‍यस्‍थता वाले निर्णयों का इलेक्‍ट्रोनिक डिपोजिटरी रखेगी। 

3 एसीआई निकाय निगम होगी। एसीआई के अध्‍यक्ष वह व्‍यक्ति होगा जो उच्‍चतम न्‍यायालय का न्‍यायाधीश रहा हो या किसी उच्‍च न्‍यायालय का मुख्‍य न्‍यायाधीश और न्‍यायाधीश रहा हो। अन्‍य सदस्‍यों में सरकारी नामित लोगों के अतिरिक्‍त जाने-माने शिक्षाविद आदि शामिल किए जाएंगे।

4 विधेयक समय-सीमा से अंतरराष्‍ट्रीय मध्‍यस्‍थताको अलग करके तथा अन्‍य मध्‍यस्‍थताओं में निर्णय के लिए समय-सीमा विभिन्‍न पक्षों की दलीलें पूरी होने के 12 महीनों के अंदर करके सेक्‍शन 29ए के उप-सेक्‍शन (1) में संशोधन का प्रस्‍ताव है।

5 इसमें नया सेक्‍शन 42ए जोड़ने का प्रस्‍ताव है ताकि मध्‍यस्‍थता करने वाला व्‍यक्ति या मध्‍यस्‍थता संस्‍थान निर्णय के सिवाय मध्‍यस्‍थतासे जुड़ी कार्यवाहियों की गोपनीयता बनाए रखेंगें। नया सेक्‍शन 42बी मध्‍यस्‍थता करने वाले को मध्‍यस्‍थता सुनवाई के दौरान उसके किसी कदम या भूल को लेकर मुकदमा या कानूनी कार्यवाही से सुरक्षा प्रदान करता है।

6 एक नया सेक्‍शन 87 जोड़ने का प्रस्‍ताव है जो स्‍पष्‍ट करेगा कि जब तक विभिन्‍न पक्ष सहमत नहीं होते संशोधन अधिनियम 2015 में - (ए) 2015 के संशोधन अधिनियम प्रारंभ होने से पहले शुरू हुई मध्‍यस्‍थता की कार्यवाही के मामले में (बी) संशोधन अधिनियम 2015 के प्रारंभ होने के पहले या ऐसी अदालती कार्यवाही शुरू होने के बावजूद मध्‍यस्‍थता प्रक्रिया के संबंध में चालू होने वाली अदालती कार्यवाहियों में लागू नहीं होगा तथा यह सेक्‍शन संशोधन अधिनियम 2015 के प्रारंभ होने या बाद की मध्‍यस्‍थता कार्यवाहियों में लागू होगा और ऐसी मध्‍यस्‍थता कार्यवाहियों से उपजी अदालती कार्यवाहियों के मामले में लागू होगा।

पृष्‍ठभूमि: मध्‍यस्‍थता प्रक्रिया को सहज बनाने, लागत सक्षम बनाने और मामले के शीघ्र निष्‍पादन और मध्‍यस्‍थता करने वाले की तटस्‍थता सुनिश्चित करने के लिए मध्‍यस्‍थताऔर सुलह अधिनियम, 1996 में मध्‍यस्‍थताऔर सुलह (संशोधन)अधिनियम, 2015 द्वारा संशोधन किया गया। लेकिन तदर्थ मध्‍यस्‍थता के स्‍थान पर संस्‍थागत मध्‍यस्‍थता को प्रोत्‍साहित करने और मध्‍यस्‍थता तथा सुलह (संशोधन) अधिनियम, 2015 को लागू करने में आ रही कुछ व्‍यावहारिक कठिनाईयों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा भारत के उच्‍चतम न्‍यायालय के सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीश, न्‍यायमूर्ति बी.एच. श्रीकृष्‍ण की अध्‍यक्षता में एक उच्‍च स्‍तरीय समिति (एचएलसी) बनाई गई। एचएलसी को निम्‍नलिखित कार्य दिए गए:-

  • भारत में मध्‍यस्‍थ संस्‍थानों के कामकाज और उनके कार्य प्रदर्शन का अध्‍ययन करके वर्तमान मध्‍यस्‍थता व्‍यवस्‍था केप्रभाव की जांच करना।
  • भारत में संस्‍थागतमध्‍यस्‍थताव्‍यवस्‍था को प्रोत्‍साहित करने के लिए रौडमैप तैयार करना।
  • वाणिज्यिक विवाद समाधान के लिए कारगर और सक्षम मध्‍यस्‍थताप्रणाली विकसित करना और कानून में सुझाए गए सुधारों पर रिपोर्ट प्रस्‍तुत करना।


उच्‍चस्‍तरीय समिति ने 30 जुलाई, 2017 को अपनी रिपोर्ट पेश की। समिति नेमध्‍यस्‍थता और सुलह अधिनियम, 1996 में संशोधन की सिफारिश की है। प्रस्‍तावित संशोधन उच्‍चस्‍तरीय समिति की सिफारिशों के अनुसार है।

12:35 pm

प्रधानमंत्री कल वाराणसी में फ्रांस के राष्ट्रपति श्री एमैनुएल मैक्रों की अगवानी करेंगे

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कल सुबह वाराणसी में फ्रांस के राष्ट्रपति श्री एमैनुएल मैक्रों की अगवानी करेंगे।

दोनों राजनेता मिर्जापुर के लिए प्रस्‍थान कर जाएंगे, जहां वे एक सौर ऊर्जा संयंत्र का उद्घाटन करेंगे और फि‍र इसके बाद वे वाराणसी लौट आएंगे। वाराणसी में  दोनों राजनेता दीनदयाल हस्तकला संकुल का दौरा करेंगे। वे कारीगरों के साथ बातचीत करेंगे और उनकी शिल्पकलाओं से प्रत्‍यक्ष तौर पर रू-ब-रू होंगे।

प्रधानमंत्री श्री मोदी और राष्ट्रपति श्री मैक्रों इसके बाद वाराणसी में प्रसिद्ध अस्सी घाट पर पहुंचेंगे जहां वे गंगा के घाटों के आसपास सैर करने के लिए एक नौका पर सवार होंगे और फि‍र आखिर में वे ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति के सम्मान में दोपहर के भोज की मेजबानी करेंगे।

दोपहर में  प्रधानमंत्री वाराणसी स्थित मदुदीह रेलवे स्टेशन और पटना के बीच एक ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। प्रधानमंत्री विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे और वाराणसी स्थित डीएलडब्ल्यू मैदान में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करेंगे।

रविवार, 11 मार्च 2018

12:25 am

छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों को वैयक्तिक आयकर विवरणी भरना अनिवार्य है, दिनांक 31 मार्च 2018 तक नही भरने पर हो सकती है जेल

छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों को वैयक्तिक आयकर विवरणी भरना अनिवार्य है, दिनांक 31 मार्च 2018 तक नही भरने पर हो सकती है जेल 

ज्ञातव्य हो कि राज्य शासन के वित्त निर्देश १०/2018, दिनांक 08/03/2018 (आदेश देखने के लिए, यहां क्लिक करें) के माध्यम से भारत सरकार के निर्देश का हवाला देते हुए कहा गया है कि आयकर विभाग ने शासन संज्ञान में लाया है कि छत्तीसगढ़ स्थित विभाग/संगठन में कार्यरत् विभिन्न वेतनभोगी कर्मचारियों द्वारा अपनी आयकर विवरणी दाखिल नही की जाती है। वेतनभोगी कर्मचारियों के बीच यह समान्य अवधारणा है कि उनके वेतन के स्त्रोत पर कर की कटौती हो जाने के पश्चात् वैयक्तिक आयकर विवरणी दाखिल करने की आवश्यकता नही है। उसी प्रकार यह भी धारणा है कि ऐसे वेतनभोगी कर्मचारी जिनका वार्षिक सकल वेतन 5 लाख तक है उन्हें, अपनी वैयक्तिक आयकर विवरणी दाखिल करने की आवश्यकता नही है। 

आयकर अधिनियम 1961 की धारा 139 (1) के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति जिसकी कुल आय पूर्व वर्ष के दौरान इस अधिनियम के अंतर्गत निर्धारणीय अधिकतम रकम से अधिक है तो उसे अपनी आयकर विवरणी नियम तारीख से पूर्व दाखिल करना होगा तथा यदि कोई व्यक्ति नियत तिथि तक अपनी आयकर विवरणी दाखिल करने में असफल रहा तो, आयकर अधिनियम 1961 की धारा 271 के तहत रूपये 5000 भारित आरोपित करने का प्रावधान है। वित्तीय वर्ष 2016-17 अर्थात् निर्धारण वर्ष 2017-18 के दौरान जिन व्यक्तियों की कुल योग्य आय रूपये २,५०,०००/- से अधिक है उन्हें 31 मार्च 2018 तक अपनी आयकर विवरणी भरना अनिवार्य है इसके पश्चात् पेनाल्टी तथा धारा 276 सीसी के तहत् अभियोजन जिसमें 3 माह से 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है। 

वेतनभोगी कर्मचारी आयकर विभाग के वेबसाईट https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home तथा मोबाईल एप्प आयकर सेतू का उपयोग करके अपना आयकर विवरणी दाखिल कर सकते हैं।


# राज्य शासन के वित्त निर्देश १०/2018, दिनांक 08/03/2018 (आदेश देखने के लिए, यहां क्लिक करें)

शुक्रवार, 9 मार्च 2018

4:24 pm

क्या, वाकई धरती से जीवन समाप्त हो जाएगा, धरती में जीवन को संरक्षित करने के उपाय क्या है, जानने के लिए आगे पढ़ें

क्या, वाकई धरती से जीवन समाप्त हो जाएगा, धरती में जीवन को संरक्षित करने के उपाय क्या है, जानने के लिए आगे पढ़ें

हम सबको यह ज्ञात है कि जल पृथ्वी की सतह पर बहुतायत में मिलने वाला यौगिक है। जल या पानी एक आम रासायनिक पदार्थ है यह दो अणु हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बना है, जो सारे प्राणियों के जीवन का आधार है। जैविक दृष्टिकोण से, पानी में कई विशिष्ट गुण हैं जो जीवन के प्रसार के लिए महत्वपूर्ण हैं। साफ और ताजा पेयजल मानवीय और अन्य जीवन के लिए आवश्यक है, लेकिन दुनिया के कई भागों में खासकर विकासशील देशों में भयंकर जलसंकट है और एक अनुमान है कि 2030-35 तक विश्व की आधी जनसंख्या इस जलसंकट से जुझने लगेगी। 

वर्तमान परिदृश्य में विश्व में तेल के लिए युद्ध हो रहा है। भविष्य में ऐसा न हो कि जल के लिए भयावह युद्ध हो जाए। इसलिए मानव समुदाय को सचेत होना चाहिए। उन्हें ऐसी जीवन शैली अपनाने की आवश्यकता है, जिसमें जीवन अमृतरूपी जल का अपव्यय न होता हो।

पानी के किल्लत निपटने के लिए, यदि सम्पूर्ण विश्व के आम नागरिक और शासन एकजूट होकर जल एवं पंर्यावरण के संरक्षण के लिए कार्य नही करेंगे, केवल जल के दोहन में मग्न रहेंगें तो वह दिन दूर नही होगा कि पृथ्वी में मानव सहित अनेकोनेक जीवन को संकट का सामना करना पडे। 

मै यह जरूर कहना चाहूंगा कि यदि हम जल के दोहन में मग्न रहेंगे तो जल्द ही धरती जीवनहीन हो जाएगा। इसलिए मै आम नागरिकों, समाजिक संगठनों, विश्व समूदाय, शासन/प्रशासन से आग्रह करता हूं कि जल संकट से निपटने के लिए मेरे द्वारा दिए गए उपाय का अनुकरण करते हुए बेहतर विकल्प अपनाएं।

जल संकट से निपटने के उपाय:- भूगर्भ जलस्तर और भविष्य में पानी के संकट से बचने के लिए वर्षा जल संचयन अपरिहार्य है। जल संचयन के बिना धरती के जलस्रोतों को अक्ष्यण नहीं रखा जा सकता है। जल संचयन की विधियों पर नवीनतम शोध और इसकी वैज्ञानिक पद्धति को प्रयुक्त कर इसके सुखद परिणाम मिलेंगे। इसहेतु निम्नानुसार कारगर उपाय हो सकते हैं-
- शासन स्तर पर नदी जोडो परियोजना पर शीघ्रता से कार्य प्रारंभ किया जाना चाहिए।
- गर्मी फसल एवं पीने के पानी के लिए जल संचयन के लिए बांध का निर्माण कराया जाना चाहिए।  
- अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए, बेहतर होगा कि नियमित आक्सीजन देने वाले वृक्ष लागाएं।
- नदी के किनारे कम-से-कम 1किलो मीटर के दायरे में अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण अथवा वन क्षेत्र हो। सडक के किनारे दोनो ओर कम-से-कम 50-100 मीटर की चैडाई में फलदार वृक्षों, आयुर्वेदिक औषधी एवं कन्दमूल लगाया जाना चाहिए, इसके रखरखाव, आजीविका एवं राजस्व प्राप्ति के लिए एक योजना बनाकर टेण्डर में दिया जाना चाहिए।
- रेन वाटर  हार्वेस्टिंग सिस्टम को बढावा दिया जाए।
- मल्टीफ्लोर बिल्डिंग में उपयोग किए गए पानी को अच्छे से छानकर वृक्षों को पलाया जा सकता है।
- आहार में कम से कम 60 फिसदी हिस्सा वृक्षों के फलों और पत्तों के जूस को शामिल किया जावे।
- औषधी में एलोपैथी के बजाए आयुर्वेदिक के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
- गहरा कुआं का निर्माण कर जल संचयन किया जाना चाहिए।
- माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रायोजित स्वच्छता अभियान के तर्ज में वृक्षारोपण अभियान संचालित हो।
- भूजल दोहन अनियंत्रित तरीके से न हो, इसके लिए आवश्यक कानून बनना चाहिए।
- प्रत्येक व्यक्ति के नाम पर कमसेकम 10वृक्ष लगाना चाहिए, जिसमें एक पीपल/बरगद का वृक्ष भी हो।
- जल विद्युत पर तत्काल रोक लगाते हुए सोलर उर्जा के लिए नैनो टेक्नाॅलाजी की खोज पर बल दिया जाना चाहिए।
- सडक को धुल रहित होना चाहिए, ताकि कपडे गंदे न हो।
- एसी वाहनों पर रोक लगाने की आवश्यकता है। परन्तु यह तभी संभव होगा, पर्याप्त मात्रा में पथरोपण हुआ हो।


HP Joshi
Naya Raipur, Chhattisgarh

शुक्रवार, 23 फ़रवरी 2018

3:03 pm

होली का त्यौहार भाईचारे के साथ मनाएं

होली का त्यौहार भाईचारे के साथ मनाएं


आप आदरणीय/आदरणीया से अनुरोध है कि होली का त्यौहार भाईचारे के साथ मनाएं। होली हर्ष और उमंग के साथ जीवन को खुशियों से रंगने संकल्प का त्यौहार है, इसलिए होली के दौरान कच्चे रंग का इस्तेमाल करें तथा पक्के रंगों का इस्तेमाल करके पानी बर्बाद न करें, क्यों कि जल ही जीवन है। होली को पूरे होंस-हवास में मनाएं, नशीले पदार्थों का सेवन करके त्यौहार को व्यर्थ न बनाएं।

होलीका दहन के नाम पर हरे भरे पेड को काटना मानव जीवन को संकट में डालने के समान है इसलिए वृक्षों को न काटें, इसके स्थान पर कचरे एवं अपने घर के खराब पडे अथवा घुन लगे फर्नीचर को जलाना बेहतर होगा।

ज्ञातव्य हो कि, किसी भी व्यक्ति से जबरन चंदा वसूली करना लूट है, तथा किसी के घर से लकडी/कंडे, टेबल/कुर्सी को होली के नाम पर जबरन ले जाना चोरी एवं डकैती की श्रेणी में आता है। 

हाल ही में छात्रों का वार्षिक परीक्षा होना है इसलिए ध्वनि प्रदुषण, शोर-गुल करके बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड नही करें। 

दोस्तों, 2 मार्च को होली का त्यौहार है और इसी दिन जूम्मे की नमाज अदा की जाएगी इसलिए त्यौहार को हर्षाेल्लास एवं सद्भाव के साथ मनाने में सबकी सहभागिता आवश्यक है। हिन्दू भाईयों से अपील है कि मुस्लिम बंधुओं के अनुमति के बिना उन्हें जबरन रंग नही लगाएं।

शराब पीकर अथवा मुखौटा पहनकर वाहन चलाना, तीन सवारी, ओवर स्पीड, बिना हेलमेट और नाबालिक बच्चों का वाहन चलाना मृत्यु का कारक है, इससे परहेज करें। 

नशीले वस्तुओं की बिक्री करने वालों, शराब पीकर शांति भंग करने वालों, जबरदस्ती चंदा वसुलने वालों, लकडी चोरी करने वालों और हरे भरे पेड काटने वालों के बारे में पुलिस को 100 नंबर में काॅल करके जरूर बताएं।

मेरा आपसे एक अनुरोध यह भी है कि अपने खुसी के लिए मांस-मदिरा का सेवन नही करें, क्योंकि मांस का सेवन करने का मतलब जीव हत्या को बढावा देना है। दोस्तों आप सबको तो ज्ञात है कि हम सभी जीव एक ही ईश्वर के संतान हैं अर्थात् सभी जीव भाई के समान हैं।


Huleshwar Joshi
Sector 27, Naya Raipur
Chhattisgarh

मंगलवार, 20 फ़रवरी 2018

4:39 am

आईजी श्री जीपी सिंह की नक्सल मोर्चा पर अंतरराज्यीय समन्वय बैठक

आईजी श्री जीपी सिंह की नक्सल मोर्चा पर अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों एवं थाना प्रभारियों की समन्वय बैठक, दिनांक 19/02/2018, स्थान राजनांदगांव

नक्सल अभियान में अंतरराज्यीय सीमाएं बाधक न हो इस संबंध में दुर्ग आईजी श्री जीपी सिंह द्वारा संभाग के नक्सल प्रभावित जिला राजनांदगांव एवं कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक, आईटीबीपी व सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों सहित गोंदिया (महाराष्ट्र) तथा बालाघाट, मण्डला (मध्यप्रदेश) के पुलिस अधीक्षकों एवं वरिष्ठ अधिकारियों की नक्सली अभियान के संबंध में समन्वय बैठक दिनांक 19/02/2018 को राजनांदगांव में ली गई। बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली गई। नक्सली अभियान के दौरान केन्द्रीय बलों एवं सीमावर्ती राज्यों की पुलिस से बेहतर समन्यव स्थापित कर सफलता प्राप्त करने के संबंध में निर्देष दिए गए। 

नक्सल क्षेत्र में आमद-रफ्त नक्सलियों के बडे़ लीडर के संबंध में सूचना हासिल कर संयुक्त आॅपरेषन चलाया जाए। बैठक में नक्सल अभियान के दौरान आने वाले कठिनाईयों एवं चुनौतियों से निपटने के लिए व्यवस्थाएं सुनिष्चित की जावे। सूचना तंत्र को व्यापक/प्रभावी बनाया जावे तथा इस संबंध में अंदरूनी क्षेत्रों में सिविक एक्षन के तहत् खेल गतिविधियां, मेडिकल कैम्प एवं जागरूकता अभियान चलाकर आम नागरिकों के मन में सुरक्षा की भावना लाने के संबंध में निर्देष दिए गए। अति-संवेदनषील नक्सल क्षेत्रों, थाना, कैम्प एवं सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों को चिन्हांकित करते हुए अतिरिक्त बल की तैनाती की जाए।

नये क्षेत्र में नक्सलियों के प्रसार को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित करने कार्ययोजना तैयार की गई। आत्म-समर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए शासन द्वारा संचालित पुनर्वास नीति को गंभीरतापूर्वक क्रियान्वित करने हेतु पुलिस अधिकारियों को निर्देषित किया गया तथा विकास के दृष्टि से पिछडे क्षेत्रों में सड़क और संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु जिला कलेक्टर के माध्यम से कार्यवाही सुनिष्चित करने निर्देष दिए गए।

नक्सल अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों के निचले स्तर के अधिकारियों के सुझावों पर विषेष ध्यान देने की आवष्यकता है, जिस हेतु वरिष्ठ अधिकारी ऐसे सुझावों को अमल में लाने का प्रयास करें।

आईजी श्री जीपी सिंह की नक्सल मोर्चा पर अंतरराज्यीय समन्वय बैठक

रविवार, 18 फ़रवरी 2018

11:47 am

सिटीज़न कॉप दुर्ग संभाग में शीघ्र लॉन्च किया जाएगा .........

"सिटीज़न कॉप मोबाइल एप्लीकेशन" को दुर्ग संभाग के सभी जिलों में शीघ्र ही लॉन्च किया जाएगा। इस संबंध में दुर्ग आईजी श्री जीपी सिंह के निर्देश पर रक्षित केंद्र दुर्ग में आज 08/02/2018 को सिटीजन कॉप एडमिन पेज संचालन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमे संभाग के सभी जिलों के राजपत्रित पुलिस अधिकारियों सहित लगभग 45 अधिकारी /कर्मचारियों को जनता से प्राप्त सूचनाओं/शिकायतों मे बेहतर कार्यवाही एवं एडमिन पेज के मॉनिटरिंग करने के संबंध में प्रशिक्षण देकर पारंगत किया गया है


ज्ञातव्य हो कि वर्तमान में प्रदेशभर में सिटीज़न कॉप के 70,000 सत्तर हजार से अधिक यूजर्स हैं, जो पुलिस के साथ मिलकर अपराध मुक्त समाज की स्थापना के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। यह एप्लीकेशन रायपुर आईजी होने के दौरान दुर्ग आईजी श्री जीपी सिंह द्वारा 8/9/2015 को रायपुर रेंज अधीन जिलों मे लागू कराया गया है, जिले राष्ट्रीय स्तर मे डिजिटल इंडिया अवार्ड -2016 एवं स्मार्ट पुलिसिंग अवार्ड -2015 से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह द्वारा भी सम्मानित किया गया है तथा चरणबद्ध तरीके से प्रदेश मे लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।



11:20 am

आओ अंगदान करें .... मृतशरीर को जलाना/दफनाया जाना केवल रूढ़िवादी परम्परा है

आओ अंगदान करें .... मृतशरीर को जलाना/दफनाया जाना केवल रूढ़िवादी परम्परा है

एतद्द्वारा मैं (हुलेश्वर जोशी) अपने परिजनों, रिस्तेदारों, और मित्रों से आग्रह करता हूँ, कि भविष्य में जब मेरी मृत्यु हो तो कृपया इस संबंध में सर्वप्रथम अविलम्ब चिकित्सा विभाग को सूचित करने की कृपा करें, ताकि मेरा मृत्यु सार्थक हो सके।


अंगदान सबसे बड़ा जीवन दान है कई लोगों को जीवन दे सकती है, इसलिए आपसे भी अनुरोध है कि आज ही National Organs and Tissues Transplant Organization, Ministry of Health and Family Welfare, Govt of India के वेबसाइट http://notto.nic.in/ में जाकर मृत्यु पश्चात अंगदान का संकल्प लें।

मैंने अपने मृतशरीर को व्यर्थ जलने /दफन होने से बचाया है, यह रूढ़िवादी परंपरा को खत्म करने का मेरा एक छोटा सा प्रयास है। आइये सब मिलकर इस रूढ़िवादी परंपरा को खत्म करें।

ज्ञातव्य हो, कि मैंने आज 24/01/2018 को मृत्यु उपरांत अपने शरीर के समस्त Organs एवम Tissues को दान कर दिया है।

मैंने अंगदान किया, इसे शेयर करना अच्छी बात है। यह बहुत अच्छा होता कि आप स्वयं अंगदान कर लें।


मेरे अंगदान की सूचना देते हुए ज्ञात हुआ कि मुझसे पहले लगभग देशभर के 1लाख से अधिक लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया है, जिसमे मेरे परिचित/ मित्र भी शामिल हैं मगर मुझे पहले ज्ञात नही हुआ था।


Huleshwar Joshi
Duty : IGP Office Durg Range Durg
Res : Sector 27, Naya Raipur, Chhattisgarh
Mobile 94060-03006/94791-90018




मृतशरीर को जलाना/दफनाया जाना केवल रूढ़िवादी परम्परा है, आओ अंगदान करें। 5 से 10 लोगों को जीवन / बेहतर जीवन प्रदान करें। यदि आपमें वास्तविक #मानवसेवा की भावना जागृत हो जाए और #मानवधर्म को स्वीकारने लगें, तो वर्तमान परिदृश्य में आपको ज्ञात हो जाएगा कि पूर्ण #मृतशरीर का #दाहसंस्कारअथवा मृतशरीर को #दफ़नाना केवल #रूढ़िवादी परंपरा हो चुकी है। फिर आप अवश्य ही, मृत्यु पश्चात #अंगदान का संकल्प लेंगे।

 




किसी ने कहा "अंगदान कर लिए अच्छी बात, अब इसका प्रचार करके महान बनना चाहते हो?"

मैंने कहा, रूढ़िवादी परंपरा को समाप्त कर रहा हूँ वैसे मेरे आसपास के लोगों को ज्ञात होना चाहिए ताकि मेरे मृत्यु की सूचना परिवार से पहले NOTTO (चिकित्सा विभाग) को दे सकें।

10:55 am

अब पुलिस स्टेशन आपके Smartphone में ........

अब पुलिस स्टेशन आपके Smartphone में ........


आज ही #सिटीजन_कॉप मोबाइल एप्लीकेशन डाऊनलोड करें। वर्तमान में पुलिस का यह एप्प छत्तीसगढ़ राज्य के रायपुर संभाग के सभी जिलों में, दुर्ग संभाग के राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम में, तथा बिलासपुर संभाग के मुंगेली जिला में भी लागू है। 
शीघ्र ही इसे दुर्ग जिला में भी लागू किया जाना प्रस्तावित है।


मंगलवार, 4 जुलाई 2017

3:29 pm

क्या आप जानते हैं कि आपका मौलिक अधिकार क्या है ?


जी हाँ, वर्तमान परिवेश को देखते हुए आपको अपने मौलिक अधिकारों की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है इसलिए यहाँ हम आपको भारतीय नागरिकों के मौलिक अधिकारों के बारे में कुछ जानकारी देना चाहते हैं। 


भारतीय संविधान सभी नागरिकों के लिए व्‍यक्तिगत और सामूहिक रूप से कुछ बुनियादी अधिकार देता है। इन मौलिक अधिकारों की छह व्‍यापक श्रेणियों के रूप में संविधान में गारंटी दी जाती है जो न्‍यायोचित और न्यायालय में वाद योग्य हैं।



संविधान के भाग ३ में सन्निहित अनुच्‍छेद १२ से ३५ तक मौलिक अधिकारों के संबंध में जानकारी दी गयी है, जो इस प्रकार है : - 


साधारण
12 परिभाषा
13 मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्‍पीकरण करने वाली विधियां


समता का अधिकार
14 विधि के समक्ष समानता
15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्‍म स्‍थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध
16 लोक नियोजन के विषय में अवसर की समानता
17 अस्‍पृश्‍यता का अंत
18 उपाधियों का अंत


स्‍वतंत्रता का अधिकार
19 वाक-स्‍वतंत्रता आदि विषयक कुछ अधिकारों का संरक्षण
20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण
21 प्राण और दैहिक स्‍वतंत्रता का संरक्षण
22 कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण


शोषण के विरुद्ध अधिकार

23 मानव और दुर्व्‍यापार और बलात्श्रम का प्रतिषेध
24 कारखानों आदि में बालकों के नियोजन का प्रतिषेध


धर्म की स्‍वतंत्रता का अधिकार
25 अंत:करण की और धर्म की अबाध रूप से मानने, आचरण और प्रचार करने की स्‍वतंत्रता
26 धार्मिक कार्यों के प्रबंध की स्‍वतंत्रता
27 किसी विशिष्‍ट धर्म की अभिवृद्धि के लिए करों के संदाय के बारे में स्‍वतंत्रता
28 कुल शिक्षा संस्‍थाओं में धार्मिक शिक्षा या धार्मिक उपासना में उपस्थित होने के बारे में स्‍वतंत्रता


संस्‍कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार
29 अल्‍पसंख्‍यक-वर्गों के हितों का संरक्षण
30 शिक्षा संस्‍थाओं की स्‍थापना और प्रशासन करने का अल्‍पसंख्‍यक-वर्गों का अधिकार
31 [निरसन]


कुछ विधियों की व्‍यावृत्ति
31क संपदाओं आदि के अर्जन के लिए उपबंध करने वाली विधियों की व्‍यावृत्ति
31ख कुछ अधिनियमों और विनियमों का विधिमान्‍यकरण
31ग कुछ निदेशक तत्‍वों को प्रभाव करने वाली विधियों की व्‍यावृत्ति
31घ [निरसन]सांविधानिक उपचारों का अधिकार
अनुच्‍छेद विवरण
32 इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार
32A [निरसन]
33 इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों का बलों आदि को लागू होने में, उपांतरण करने की संसद की शक्ति
34 जब किसी क्षेत्र में सेना विधि प्रवृत्त है तब इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों पर निर्बन्‍धन
35 इस भाग के उपबंधों को प्रभावी करने का विधान


उपरोक्त वर्णित धाराओं की विस्तृत जानकारी के लिए यहां क्लिक करें। 

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